संसद बोले सागर में खोलें क्षेत्रीय
सांस्कृतिक केन्द्र
बुंदेलखंड की आत्मा से परिचित
नहीं है केन्द्र
सागर। सांसद भूपेन्द्र सिंह ने केन्द्रीय संस्कृति मंत्री
को पत्र लिखकर बुंदेलखंड के संभागीय मुख्यालय सागर में क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र
की स्थापना करने की मांग की है। इस संबंध में लोकसभा में किए गए प्रश्र का हवाला देते
हुए सांसद श्री सिंह ने कहा है कि इलाहाबाद और नागपुर स्थित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र
बुंदेलखंड की आत्मा से परिचित नहीं है और उनका पूरा फोकस मात्र खजुराहो पर सिमटकर रह
गया है।
केन्द्रीय संस्कृति मंत्री श्रीमती चन्द्रेश
कुमारी को लिखे पत्र में सांसद भूपेन्द्र सिंह ने बताया है कि लोकसभा में उनके द्वारा
पूछे गए प्रश्र के उत्तर में खुलासा हुआ है कि मध्यप्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र उत्तर
मध्य सांस्कृतिक केन्द्र इलाहाबाद और दक्षिण मध्य सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर के अधिकार
क्षेत्र में आता है।
इन दोनों केन्द्रों ने वर्ष 2009-10 तथा 2010-11 में मध्यप्रदेश
के बुंदेलखंड में चारों सांस्कृतिक कार्यक्रम सिर्फ खजुराहों मे ही किए हैं। वर्ष 2011-12 में किए गए 30 में से 23 कार्यक्रम खजुराहों
में सम्पन्न किए गए हैं। इसी तरह चालू वर्ष 2012-13 में बुंदेलखंड के नाम पर उक्त
दोनों केन्द्रों के कार्यक्रमों का पूरा फोकस खजुराहो पर ही है। सांसद ने पत्र में
लिखा है कि क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्रों का उद्देश्य लोक कलाओं का संरक्षण और पोषण, स्थापित कलाकारों
के कार्यक्रम आयोजित कर लोगों में कला विशेष का प्रदर्शन करना तथा युवा कलाकारों को
प्रोत्साहित करने के लिए मंच प्रदान करना भी है। लेकिन इलाहाबाद और नागपुर से संचालित
उक्त केन्द्रों का पूरा फोकस खजुराहो पर केन्द्रित होने से लगता है कि यह केन्द्र बुंदेलखंड
की आत्मा से परिचित नहीं हैं।
जबकि मध्यप्रदेश में बुंदेलखंड क्षेत्र बहुत बड़े
भू-भाग में फैला हुआ है। जिसमें लोक कलाओं की अनुपम विरासत है और सतरंगी बहार देखने
को मिलती है। सांसद भूपेन्द्र सिंह ने पत्र में लिखा है कि बुंदेलखंड में अपना क्षेत्रीय
सांस्कृतिक केन्द्र नहीं है। जबकि बुंदेलखंड की अनेक लोक कलाएँ विलुप्त हो चुकी हैं
और होती जा रही हैं। साथ ही यहाँ के अनेकों प्रतिभावान कलाकारों को अपने प्रदर्शन के
लिए कोई स्थापित मंच नहीं मिल रहा। उक्त तर्कों के साथ सांसद ने केन्द्रीय संस्कृति
मंत्री से पुरजोर मांग की है कि सागर में क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना
की जावे।