शुक्रवार, 1 मार्च 2013

एसवीएन में अतंरराष्ट्रीय सेमीनार


भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रकाश  डाला
सागर।स्वामी विवेकानंद विश्विद्यालय में ग्लोबल इनोवेषन्स इन साइन्स एन्ड मेनेजमेन्ट पर अतंराष्ट्रीय सेमीनार सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। उल्लेखनीय बात यह है कि बुन्देंलखण्ड क्षेत्र में इस प्रकार के अतंराष्ट्रीय सेमीनार में लगभग छः देषों जिसमें अमेरिका, इग्लैंड, स्लोवेनिया, आदि देषों के प्रतिनिधियों ने बड़े उत्साह से भाग लिया। सेमीनार का उद्घाटन सत्र में कुलाधिपति डॉं. अजय तिवारी, कुलपति डॉं. अनिल तिवारी के साथ निकोस शोराहिडिस (यू.के.), डेमिजन शोतिक (स्लोवेनिया), रे हिटिच (लंदन) उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. एस.बी.सिंह, विषिष्ट अतिथि प्रो. आर. नाथ, प्रो. जे.पी.एन. पान्डे, प्रो. रविन्द्र पान्डे शामिल थे। इस अवसर पर विष्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. अजय तिवारी ने विष्वविद्यालय की समिति प्रखर प्रज्ञा समिति के कार्याे का विस्तृत उल्लेख किया एवं बताया कि वि.वि. ने किस प्रकार षिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया साथ ही उन्हौने बताया कि स्वामी विवेकानंद विष्वविद्यालय गौर साहब के सपनों को पूर्ण करने के लिए कटिबद्ध है। वहीं कुलपति डॉ. अनिल तिवारी ने स्वामी विवेकानंद विष्वविद्यालय द्वारा अर्जित उपलब्धियों पर प्रकाष डाला, और कहा कि एस.व्ही.एन. वि.वि. एकमात्र ऐसा निजी वि.वि. है जिसने इतने कम समय अवधि में अतंराष्ट्रीय सेमीनार आयोजित कर दिया। अंतराष्ट्रीय सेमीनार के समन्वयक डॉ. राजेष दुवे ने सेमीनार के उदेष्य एवं नेषनल साइन्स डे पर प्रकाष डाला। वेल्स यूनिवर्सिटी से आये प्रो. रे हिटिज ने भारतीय अर्थव्यवस्था में इनोवेषन्स एवं विष्व अर्थव्यवस्था से तुलनात्मक अध्ययन पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। जबकि प्रो. निकोस शोराहिडिस (यू.के.) ने प्रबंधन पर अपने विचार रखते हुए बुदेंलखण्ड क्षेत्र के युवाओं को अवसरों की उपलब्धता पर विचार व्यक्त किया। प्रो. डेमिनिज कोटिक (स्लोवेनिया) ने अपने शोधपत्र में विष्व अर्थव्यवस्था एवं भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रकाष डाला। प्रो. नाथ ने नेनो टेक्नालॉजी पर प्रकाष डाला।   प्रो. एस.बी. सिंह ने समाज नवनिर्माण में षिक्षा की महत्वता पर अपने विचार व्यक्त किये। प्रो. के.पी. चर्तुवेदी ने (भोपाल ) ने इलेक्ट्रिल रिर्सोसेस पर अपने विचार रखें। प्रो. सुबोध पान्डे (वि.वि. सागर) ने आर्थिक आतंकवाद पर अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में विषेष रूप  से शोध पत्र प्रस्तुत करने वालों में प्रो. अरूण शाडिन्ल्य, प्रो. समीर शर्मा, प्रो. प्रवीण पाठक, प्रो. आलोक सहाय, डॉ. रत्नेष दास, डॉ. नीरज दुबे, डॅा. रनवीर सिंह सहित अनेकों विद्वान शामिल हुये। समन्वयक डॉ. बद्री विषाल तिवारी, डॉ. आर.के. नगाइच, डॉ. प्रमेष गौतम सहित वि.वि. परिवार को बधाई दी। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कुलाधिपति एवं कुलपति ने विष्वविद्या

शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2013

सागर महोत्सव का आगाज



देवी आराधना के नौरता नृत्य
को दर्शकों ने खूब सराहा
सागर।सागर जिला मुख्यालय पर सांध्यकालीन रंगारंग सागर महोत्सव का शुभारंभ हुआ।जिसमें पहले दिवस इन्दौर के साबरी ब्रदर्स के कब्बाली गायन और कु.शालिनी तिवारी ग्रुप के कलाकारों के देवी आराधना नौरता नृत्य का मंत्र मुग्ध होकर दर्षकों ने आंनद उठाया और तालियों की गडगडाहट से कलाकारों की हौसला आफजाई की ।
       शुभारंभ मां सरस्वती वंदना से हुआ जिसकी संगीतमय प्रस्तुति आदर्ष संगीन महाविद्यालय सागर से सम्बद्व कला धर्मियों ने प्राचार्य सुनील भट्ट के नेतृत्व में दी । सरस्वती वंदना के पष्चात कु.शालिनी के सांस्कृतिक दल की कन्याओं ने नवरात्रि के पर होने वाले नौरता नृत्य की मनोरम प्रस्तुतियां दी । उल्लास एवं उमंग के साथ धार्मिक आस्था की अभिव्यक्ति को दर्षित करने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के इस लोकप्रिय लोकनृत्य को दर्षक मंत्र मुग्ध देखते रहे और अंत में तालियों की गडगडाहट से दर्षकों ने कलाकार कन्याओं की खूब सराहना की ।
      रंगारंग प्रस्तुतियां की अगली कड़ी में इंदौर के साबरी ब्रदर्स जिन्होने 21 मिनिट लम्बा गाना गाकर लिम्का बुक आफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराया है । उन्होंने जैसे ही श्अल्लाहू-अल्लाहू,जब ना ता कुछ यहां,-मगर तू ही तू, तू ही तू श्                          कब्बाली का गायन शुरू किया वैसे ही दर्षकों व श्रोताओं ने साबरी बन्धुओं की तालियों से सराहना कर दी । देर रात तक चले प्रथम दिवस के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां ठंड होने के बाबजूद दर्षक पूरे समय आनंद उठाते रहे ।
महेश्वर की साड़ियां रहीं
आकर्षण का केन्द्र
सागर।शासन द्वारा महिलाओं की सशक्तीकरण की दिशा  में अनेक प्रयास जारी है । इसी क्रम में महिला वित्त एवं विकास निगम के तत्वाधान में सागर जिला मुख्यालय में पांच दिवसीय राज्य स्तरीय ममत्व मेला चल रहा है । जिसमें 22 जिलों के महिला स्वं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा स्टाल लगाकर उनके द्वारा निर्मित सामग्री का बिक्रय किया जा रहा है । ममत्व मेले के पहले दिन महिलाओं द्वारा लगाये गये स्टालां से उनके द्वारा निर्मित उत्पादो की 55 हजार रूपये की सामग्री लोगो ने खरीदी । स्थानीय खेल परिसर के बाजू बाले मैदान में संचालित ममत्व मेले में  महेष्वर की साड़ियों के स्टालों और बैतूल मुस्कान के स्टाल आकर्षण का केन्द्र रही जिनमें उपभोक्तओं और विषेष रूप से महिला उपभोक्ताओ की भीड़ लगी रही और ये दोनो स्टाल आकर्षण का केन्द्र रहे ।

प्रशासनिक हलचल

 

पोषणयुक्त भोजन करायेगे

सागर।सागर संभाग के आयुक्त आर.के.माथुर ने कुपोषण मुक्ति के लिये समाज में जनजागृति के लिये अभिनव प्रयास की शुरूआत की है जो बदस्तूर जारी है । इसी क्रम में  6 मार्च को दोपहर 12 बजे से कमिश्नर  माथुर संभाग के विभिन्न जिलों के चिन्हित कुपोषित बच्चों को अपने निवास पर पोषणयुक्त भोजन करायेगें । साथ ही बच्चों के अभिभावको को इन बच्चों की देखभाल के संबंध में आवश्यक परामर्श दिलायेगें

जनसुनवाई

इंडियन बैंक ने नहीं दिया ऋण

सागर । कलेक्टर  योगेन्द्र शर्मा ने जनसुनवाई में 95 आवेदकों की समस्याये सुनी और उन्हें निपटाने के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया ।कलेक्टर कक्ष में सम्पन्न जनसुनवाई में ग्राम पंचायत बेरखेरी के नेहा महिला स्व सहायता समूह की महिला सदस्यों ने आवेदन दिया कि उनका दूध डेरी का ऋण प्रकरण 17 मार्च 2010 को स्वीकृत हो चुका है और जिला पंचायत के माध्यम से इण्डियन बैंक सागर को 80 हजार की अनुदान राषि भी जमा हो गई है । किन्तु आज दिनांक तक ऋण राषि का वितरण नहीं हुआ है । इस संबंध में कलेक्टर ने लीड बैंक अधिकारी को त्वरित कार्यवाही के निर्देष दिये । जनसुनवाई में ग्राम कानाखेडी के श्री गोरी यादव ने आवेदन दिया कि सोयाबीन की थ्रेसिंग करते समय उनका बायां हाथ कट गया है उन्हें आर्थिक सहायता दिलाई जाये । इस संबंध में कलेक्टर ने आवेदक का मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना का आर्थिक सहायता प्रकरण बनाये जाने संबंधित तहसीलदार को निर्देषित किया । जनसुनवाई में ग्राम कठोदा केी गुबरा अहिरवार ने आवेदन दिया कि कलेक्टर न्यायालय द्वारा 11 अक्टूबर 2012 को पारित आदेश में ख.नं. 311/3 की भूमि रकबा 1.15 हेक्टर राजस्व रिकार्ड में आवेदक का नाम दर्ज करने के निर्देश दिये गये है । किन्तु आज दिनांक तक राजस्व रिकार्ड में उनका नाम दर्ज नहीं हुआ । इस संबंध में कलेक्टर ने एस.डी.एम. राहतगढ को आवेदक का नाम रिकार्ड में दर्ज करवाने के निर्देष दिये साथ ही कार्यवाही में विलम्ब करने वाले दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही के प्रस्ताव भी भेजने के निर्देष दिये । जनसुनवाई में तुलसीनगर वार्ड सागर निवासी हुकुम अहिरवार ने आवेदन दिया कि उन्हें अन्त्यावसायी समिति की पवन पुत्र योजना में आटो रिक्षा मिला था उन्होंने कुछ दिनो आटो चलाया और किष्ते भी जमा की है । अब उनके हाथ पांव में लकवा लग गया है इसलिये वे आटो चलाने में असमर्थ है । उन्होंने उक्त आटो रिक्षा जप्त कराकर नीलाम कराने का अनुरोध किया ताकि बैंक का कर्जा चुकता हो सके । इस संबंध में कार्यपालन अधिकारी अन्त्यावसायी समिति को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देष दिये गये जनसुनवाई में

 आर्थिक मदद

जनसुनवाई में सिविल लाईन सागर निवासी लीला धारू ने आवेदन दिया कि उन्हें पूर्व में अटैक पड़ चुका है और अब पैरालाइसिस हो गया है उन्होंने परिवार के लालन पोषण हेतु सहायता राषि की मांग की । इस संबंध में आवेदक को रेडक्रास समिति के माध्यम से दो हजार रूपये की सहायता स्वीकृत की गई । इसी तरह ग्राम मूड़रा निवासी  रामप्रसाद अहिरवार और गुरूगोविन्दसिंह वार्ड सागर निवासी श्री बुद्ध सुमन दोनो विकलांग व्यक्तियो को एक-एक हजार रूपये की सहायता आदिम जाति विभाग की अतिसंकटापन्न स्थिति में सहायता योजना में स्वीकृत की गई । इसके साथ ही बुद्ध सुमन जो 12वीं पास है और कम्प्यूटर डिप्लोमाधारी है उन्हें रोजगार दिलाने के लिये अन्त्यावसायी समिति के माध्यम से स्वरोजगार प्रकरण बनवाने के निर्देष अन्त्यावसायी समिति के कार्यपालन अधिकारी को दिये गये ।

समीक्षा बैठक आज

सागर।संभागायुक्त आर.के.माथुर 6 मार्च को सागर जिले में संपादित विभिन्न शासकीय योजनाओं व कार्यक्रमों के क्रियान्वयन संबंधी समीक्षा बैठक लेगे ।स्थानीय कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में 6 मार्च को दोपहर 12.30 बजे से आयोजित इस बैठक में कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा ने सर्वसंबंधित शासकीय अधिकारियों को समय पर पूर्ण जानकारी लेकर उपस्थित होने के निर्देष दिये हैं ।

गुरुवार, 14 फ़रवरी 2013

ममत्व मेले का शुभारंभ



महिलाओं के आर्थिक उत्थान में मदद करें
सागर । महिला के सशक्तीकरण की दिशा में उन्हें स्वावलम्बी बनाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देष्य से से जिला मुख्यालय सागर में पांच दिवसीय ममत्व मेले का आयोजन प्रारंभ हुआ । आयोजन का शुभारंभ पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव के मुख्य आतिथ्य तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रंजना बघेल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ ।  ममत्व मेले के शुभारंभ समारोह में पंचायत मंत्री ने कहा कि ममत्व शब्द संपूर्ण और इतना विस्तारित है जिसकी व्याख्यता करने में समय कम पड़ेगा । आपने कहा कि बड़ी कम्पनियां अपनी मार्केटिंग टी.व्ही. व अन्य माध्यम के विज्ञापन के जरिये कर लतेी है किन्तु महिला स्व सहायता समूहों जिनमें गरीब महिलायें शामिल है अपनी उत्पादित वस्तुओं को जो शुद्धता से परिपूर्ण है उन्हें बेचने बाजार उपलब्ध नहीं होता । इसके लिये ममत्व मेले आयोजित किये जाते है।  इन महिलाओं को सम्बल प्रदान करने के लिये इनके उत्पादों का लोग ज्यादा से ज्यादा स्वीकार करें ।समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रंजना बघेल ने म0प्र0 महिला वित्त एवं विकास निगम की स्थापना के उद्देश्य समझायें । श्रीमती बघेल ने कहा कि ममत्व मेले में विभिन्न जिलों के स्व सहायता समूहों की महिलायें अपने उत्पाद लेकर यहां आई है उन्हें लोग देखे और ज्यादा से ज्यादा खरीदकर महिलाओं के आर्थिक उत्थान में मदद करें । अतिथिजनों ने मॉं सरस्वती जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर ममत्व मेले का शुभारंभ किया । इसके बाद सामाजिक न्याय विभाग के कलापथक दल ने मध्यप्रदेष गान की प्रस्तुति दी । कार्यक्रम का शुभारंभ ग्यारह कन्याओं के पूजन से प्रारंभ हुआ ।समारोह में मुख्य अतिथि और अतिथिजनों ने ममत्व मेला 2013 स्मारिका का विमोचन भी किया ।

शनिवार, 9 फ़रवरी 2013

जनसंदेश यात्रा



राजनैतिक दलों के खून में भी ग्रुप की मांग
जनसंदेश यात्रा का संदेश कहीं रह न जाए अधूरा
मौका मिल जाए किसी और को
मनोज शुक्ला,
सागर। राजनैतिक दलों की रगो में बहने वाला खून वैसे तो मानव शरीर की भांति ही लाल रंग का होता है। लेकिन जिस प्रकार मानव शरीर के खून में विभिन्न ग्रुप का रक्त मोजूद रहता है उसी प्रकार राजनैतिक दलों की रगो में बहने वाले खून में भी ग्रुप  का पलड़ा हर पल भारी होता जा रहा है।जिससे लाग्ने लगा है कि राजनैतिक दलों  में भी खून के ग्रुप की मांग जरूरी हो गया है।
हालांकि सभी राजनैतिक दल सहित भाजपा-कांग्रेस जैसे बड़े दल ग्रुप की बीमारी को नकारते रहे हैं। फिर भी ग्रुप की राजनीति वर्तमान हालात में सभी दलों की अनिवार्यता बन चुकी है। यदि ग्रुप के मुखिया से कार्यकर्ताओं का जुड़ाव नहीं रहता है तो वे जिंदगीभर बिना ग्रुप के बेसहारे टाइप के कार्यकर्ता बनकर राजनीति के मैदान में अपना सबकुछ लुटा बैठते हैं। शहर में भी इन दिनों भाजपा और कांग्रेस के विभिन्न गुटों में संतुलन बैठाने के लिए कई तरह की तिकड़में भिड़ाई जा रही हैं।
सबसे पहले कांग्रेस की बात करते हैं जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया का शहर में एक बहुत छोटा ग्रुप लंबे अर्से से मौजूद है। इस ग्रुप में कांग्रेसियों की संख्या नगण्य के बराबर है। हालांकि ग्रुप छोटा है फिर भी सुरखी विधानसभा क्षेत्र में विधायक गोविंद सिंह राजपूत की बदौलत इस ग्रुप की कांग्रेस में तूति बोलती है। फिलहाल भी विधायक गोविंद सिंह अपने वर्चस्व को बरकरार रखने जनसंदेश यात्रा के माध्यम से आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। वैसे भाजपा इस क्षेत्र में पूर्ण रूप से उपेक्षित है। कभी भी यहां के क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को विधानसभा से चुनाव लडऩे का मौका नहीं मिला है।
ऐसे में वर्तमान विधायक की पकड़ मजबूत होती चली है। हालांकि राजनैतिक जानकारों की राय में भले ही सुरखी विधायक समय से पहले ही क्षेत्र में सक्रिय होकर चुनाव का बिगुल बजा रहे हैं लेकिन इस बार उनके प्रति भी क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। दूसरी ओर भाजपा उन्हें मात देने की चुपचाप तैयारियों में जुटी है। जिससे लगता है कि इस बार के चुनाव में भाजपा कोई ऐसा तुरूप का पत्ता एन वक्त पर खोलेगी। जिससे सुरखी विधानसभा में पार्टी अपनी जीत सुनिश्चत करा सकेगी।
सुरखी विधानसभा क्षेत्र के लोगों में इन दिनों इसी प्रकार की बहस चल रही है। चर्चा से जाहिर होता है कि विधानसभा क्षेत्र के राहतगढ़ क्षेत्र में भाजपा के लोग पहले से ही सक्रिय हैं साथ ही उनमें सामर्थ भी है कि वे यहां से कांग्रेस की वोटों में सेंध लगा सकते हैं। इसी प्रकार विधानसभा का सुरखी सहित ढाना से लगा हुआ क्षेत्र भी वर्तमान विधायक के प्रति असंतुष्ट दिख रहा है। चूंकि इस क्षेत्र में भाजपा के लोगों का रूझान रहा है। ऐसे में यहां से भी कांग्रेस को वोट मिलने का संकट बरकरार है। लंबे अर्से बाद जैसीनगर क्षेत्र में भी स्थानीय कांग्रेस और भाजपा के विभिन्न ग्रुपों के कार्यकर्ता सक्रिय हो चुके हैं। वे भी चाहते हैं कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र से बाहरी प्रत्याशियों को इस बार बाहर  का रास्ता दिखाया जाए। वैसे यह केवल ख्याली पुलाव है क्योंकि दोनों ही बड़े दलों के पास दमदार क्षेत्र के प्रत्याशी नहीं है।
पिछले चुनाव में भाजपा के राजेन्द्र सिंह मोकलपुर को भी यहां से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भाजपा में शामिल लक्ष्मीनारायण यादव जो दो बार इस क्षेत्र से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं उनके पुत्र सुधीर यादव राहतगढ़ मंडी में अध्यक्ष भी रहे हैं। जिन्हें इस क्षेत्र से दाव लगाकर विधानसभा चुनाव में उतारा जा सकता है। जो कांग्रेस की जीत में बाधा खड़ी कर सकती है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी भी यहां से वर्तमान सुरखी विधायक को टिकिट मिलने की स्थिति में अपना प्रत्याशी मैदान में उतार सकती है। इस प्रकार की तैयारी पार्टी में अंदरूनी चल रही है। इसके अलावा पूरी विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण की स्थिति भी पिछले चुनाव से ज्यादा अहम भूमिका निभा सकती है।
ऐसे में कांग्रेस को ब्राह्मण वोटों के समीकरण के आधार पर फिलहाल की स्थिति में नुकसान पहुंचने की स्थिति बन रही है। कुल मिलाकर सुरखी विधानसभा क्षेत्र के इतिहास के लिहाज से किसी नए चेहरे को इस बार विधानसभा में जाने का मौका मिलने की पूरी पूरी उम्मीद है। इस आधार पर यह कहना अतिशंयोक्तिपूर्ण नहीं होगा कि सुरखी विधायक की जनसंदेश यात्रा और उनकी उम्मीदों पर पानी फिर जाए तो कोई नई बात नहीं होगी।
ग्रुप की गूंज
कांग्रेस के पिछले दिनों संपन्न हुए कार्यकर्ता महासम्मेलन में सभी के ग्रुप आका मौजूद रहे थे। सभी ने एक स्वर में ग्रुप को नकारते हुए विधानसभा चुनाव में जीत को तबज्जो देने की बात कही थी। लेकिन हाल ही में शहर कांग्रेस में 11 अतिरिक्त नियुक्तियां ग्रुप की बात को स्वीकार करने की वकालत कर रही हैं। इनमें से अधिकांश लोग सुरेश पचौरी के कमजोर ग्रुप को मजबूत करने की कवायद है। इस तरह शहर कांग्रेस में पहले से ही दो प्रवक्ता मौजूद थे। फिर भी सुरेन्द्र चौबे के रूप में एक और प्रवक्ता बनाया गया है।
जिससे पार्टी के संविधान की अनदेखी भी की गई है। शायद यह पहला अवसर है जब इस प्रकार की अतिरिक्त नियुक्तियां की गई हैं। इन नियुक्तियों से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सागर में इनकी क्या जरूरत थी। दूसरी ओर अनुशासनहीनता के नाम पर प्रदेश अध्यक्ष ने कमलनाथ के ग्रुप के लोगों पर कार्रवाई की। फिर भी शहर सागर में लंबे अर्से से रामकुमार पचौरी, रफीक गनी सहित अनेक कांग्रेसी विभिन्न राजनैतिक दलों के लोगों के साथ मिलकर केन्द्र सरकार की खिलाफत करते रहे हैं। लेकिन इन लोगों पर  कभी भी अनुशासन हीनता की कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे लगता है कि पार्टी में ग्रुप के ऊपर भी कोई ऐसा ग्रुप मौजूद है जो कांग्रेसियों के कामों को अनुशासन और अनुशासन हीनता को नए तरीके से परिभाषित करता है।
ननि आयुक्त राजनीति के शिकार
ननि आयुक्त एसबी सिंह की फिर से नगर निगम में वापसी भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने कराई है। यह बात पिछले दिनों नगरीय निकाय मंत्री बाबूलाल गौर ने स्वयं स्वीकार की थी। लेकिन इस एहसान के बदले में वे नियम कानूनों के पालन करने में चूक कर रहे हैं। हाल ही में आयुक्त ऐसे लोगों को अपने नजदीक रखे हैं और उनके द्वारा निगम के कामकाज में अवैधानिक रूप से हस्तक्षेप करा रहे हैं। गौरतलब है कि बबलू कमानी सहित अन्य पूर्व पार्षद से हितग्राहियों को चेक वितरण कराए गए। अब सवाल उठ रहा है कि ये दोनो ही लोग नगर निगम में कोई वैधानिक हैसियत नहीं रखते हैं। फिर आयुक्त ने इनसे किस नियम के तहत हितग्राहियों को चेक वितरित कराए हैं। हालांकि दोनों लोगों की ही पत्नियां वर्तमान में पार्षद हैं। लेकिन इस नाते भी वे इस प्रकार का काम नहीं करा सकते हैं।
अस्तित्व की लड़ाई
भाजपा में इन दिनों अस्तित्व की लड़ाई चल रही है। इसी गुणाभाग के तहत शहर के लोकप्रिय विधायक को अगले विधानसभा चुनाव लडऩे से वंचित करने की शुरूआत भी हो चुकी है। पिछले दिनों से इस बात की जोरशोर से चर्चा है कि सांसद भूपेन्द्र सिंह सागर विधानसभा से दावेदारी कर सकते हैं। साथ ही नगर निगम में अधिकांश भाजपा के पार्षदों पर विधायक का प्रभाव मौजूद है। जिससे भी भाजपा के अन्य ग्रुप पीडि़त हैं। इसलिए पिछले दो दिनों से यह चर्चा भी है कि महापौर अनीता अहिरवार को शीघ्र ही इस पद से हटा कर सांसद के ग्रुप से किसी का मनोनयन कराया जा सकता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के आगमन को भी सांसद के अस्तित्व को ऊंचा उठाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। इन परिस्थितियों और फिलहाल घोषित हो रही मंडल कार्यकारिणियों से भी ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं।
 लापरवाही