सोमवार, 10 दिसंबर 2012

श्रेष्ठ कथा लेखन



डॉ. शरद सिंह का सम्मान

सागर। बुंदेलखंड सागर की साहित्यकार डॉ. सुश्री शरद सिंह को उनके श्रेष्ठ कथालेखन के लिए पटना, बिहार में  साहित्यिक पत्रिका ‘नई धारा’ द्वारा आयोजित समारोह में ‘नई धारा रचना सम्मान’ से सम्मानित किया गया। जिसमें उन्हें पच्चीस हजार रुपए सहित प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह एवं शाल-श्रीफल भेंट किए गए। सूर्यपुरा हाऊस में आयोजित उक्त अवसर पर त्रिपुरा के  पूर्व राज्यपाल प्रो. सिद्धेश्वर प्रसाद, प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. महीप सिंह, कवि रामकुमार कृषक एवं कथा लेखिका उषाकिरण खान आदि बड़ी संख्या में साहित्यकार उपस्थित थे। इसके पूर्व डॉ. सुश्री शरद सिंह को उनके स्त्रीविमर्श संबंधी लेखन के लिए बुन्देली लोककला संगम संस्थान, शाखा लखनऊ द्वारा प्रतिष्ठित ‘गुरदी देवी सम्मान’ प्रदान किया गया। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग लखनऊ, उत्तर प्रदेश के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें स्मृति चिन्ह सहित प्रशस्तिपत्र एवं पांच हजार रुपए की सम्मानराशि भेंट की गई। साहित्य के क्षेत्र में बुंदेलखंड सागर का नाम गौरवान्वित करने के लिए डॉ. शरद सिंह के मित्रों एवं शुभचिन्तकों ने बधाई दी है।


प्रधानमंत्री को लिखा सांसद ने पत्र

सागर जिले को पिछड़ा क्षेत्र अनुदान

निधि में शामिल करने की मांग

सागर। लोकसभा में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री द्वारा दिए गए जबाव के परिपे्रक्ष्य में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भेजे पत्र में सांसद भूपेन्द्र सिंह ने मांग की है कि सागर जिले को पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि स्कीम में शामिल किया जाये।
      लोकसभा में सांसद भूपेन्द्र सिंह ने प्रश्र किया कि यदि बुन्देलखंड क्षेत्र को औद्योगिक रूप से पिछड़े क्षेत्र में शामिल किया गया है तो उसका ब्यौरा क्या है। जबाव में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री डॉ. एस. जगतरक्षकन ने बताया है कि बुन्देलखंड क्षेत्र के दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिले योजना आयोग की पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के अंतर्गत आते हैं। लोकसभा में मिली उक्त जानकारी के परिपे्रक्ष्य में सांसद भूपेन्द्र सिंह ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में लेख किया है कि बुन्देलखंड अत्यंत पिछड़ा हुआ है, जिसमें सागर संभाग के पाँचों जिले सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल हैं। सागर संभाग में बड़े उद्योग और कारखाने नहीं होने से आर्थिक उन्नति नहीं हो पा रही है।
        इस तथ्य को जानते हुए ही केन्द्र सरकार ने विगत वर्षों में बुन्देलखंड को विशेष पैकेज दिया था। सागर संभाग में आर्थिक और औद्योगिक पिछड़ेपन के जो हालात दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना जिलों में हैं, ठीक  वैसे ही हालात सागर जिले के भी हैं। बावजूद इसके सागर जिला पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के अंतर्गत शामिल नहीं है और यह समझ से परे है कि पिछड़े जिलों की पहचान करने के सरकार के मानदंड क्या हैं। सांसद श्री सिंह ने पत्र में लेख किया है कि चूँकि संतुलित विकास को प्रोत्साहित करने में केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका है। अत: सागर जिले को भी पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के अंतर्गत शामिल किया जाये। पत्र की प्रति योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया को भी भेजी गयी है।
  

लूट का प्रकरण दर्ज

सागर। थाना बहेरिया के अप0क्र0 334/12 के तहत धारा 394 ता0हि0 का अपराध दर्ज किया गया है। घटना चकेरी क्षेत्र की है। प्रार्थी साधू पिता मंदे रजक उम्र 46 साल नि0 चकेरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 04 अज्ञात आरोपीगण फरि0 के हाथ व मुंह बांधकर 28 बकरा कीमत 20.000-रु के वाहन मे लादकर ले गए। अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है।


शनिवार, 8 दिसंबर 2012

राजनीति



बुंदेली को राष्ट्र भाषा बनाने 

लोकसभा में विधेयक प्रस्तुत

सांसद भूपेन्द्र सिंह ने पेश किए चार विधेयक 
 
सागर।  सागर संसदीय क्षेत्र के सांसद भूपेन्द्र सिंह ने बुन्देली भाषा को भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए अशासकीय विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया है। सांसद श्री सिंह इसके पूर्व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, सूचना का अधिकार अधिनियम और मनरेगा अधिनियम में संशोधन कराने के लिए तीन अशासकीय विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत कर चुके हैं।
इस शीतकालीन सत्र में संसद की कार्रवाई में बुन्देली भाषा सहित चारों विधेयक पुरस्थापित करने हेतु शामिल किए गए हैं। बुन्देली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने हेतु प्रस्तुत विधेयक में सांसद भूपेन्द्र सिंह ने बताया है कि भारत एक बहुभाषी देश है और संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाओं को राष्ट्रीय भाषाओं के रूप में मान्यता दी गई है। ये भाषाएँ क्षेत्र विशेष की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह दुर्भाग्य है कि मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुन्देलखंड क्षेत्र में करोड़ों लोगों द्वारा बोली जाने वाली बुन्देली भाषा को अभी तक संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है। बुन्देली भाषा अपने अस्तित्व और गरिमा को बनाए रखने के लिए कठिन संघर्ष कर रही है।
       विधेयक में लेख है कि किसी भी समाज या देश का वैभव उसकी भाषा में रचे गए साहित्य से पहचाना जाता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए, बुन्देली भाषा के इतिहास पर दृष्टिपात करें तो महाकवि जगनिक द्वारा लिखा गया महाकाव्य आल्हखंड बुन्देली में ही लिखा गया था। चन्देलकाल के आगमन से बुन्देली का प्रारंभ माना जाता है। तात्पर्य यह है कि बुन्देली भाषा बोलचाल और लेखन में दो हजार वर्ष पहले भी थी। तुलसीदास द्वारा रचित रामचरित मानस बुंदेली शब्दों से भरी हुई है। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में फैले वृहद बुन्देलखंड क्षेत्र की मातृभाषा बुंदेली है।
      सागर, जबलपुर, ग्वालियर, होशंगाबाद और भोपाल संभाग सहित उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में करीब 187934 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बुंदेली भाषा बोलने वालों की संख्या वर्तमान में लगभग 5 करोड़ है। इसी वर्ष 24 फरवरी 2012 को मध्यप्रदेश विधानसभा ने सर्व सम्मति से अशासकीय संकल्प पारित कर बुंदेली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का अनुरोध भारत सरकार को भेजा है।अत: वृहद भूभाग में फै ले बुन्देलखंड क्षेत्र की जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए बुन्देली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कर राष्ट्रभाषा का दर्जा और सम्मान प्रदान करना चाहिए। तभी बुन्देली भाषा के साथ-साथ लोकनृत्यों, लोकगीतों, लोक प्रथाओं और अन्य सांस्कृतिक धरोहरों को विलुप्त होने से बचाया जा सकेगा। 


संघ एवं निगम प्रशासन के बीच वार्ता
 

सागर। नगर निगम एवं कर्मचारी संघ के मध्य नियमितीकरण को लेकर आयुक्त सूर्यभान सिंह एवं संघ के सदस्यों के मध्य आयुक्त कक्ष में संपन्न हुई।
                वार्ता में कर्मचारी संघ की ओर से प्रकाश चुटेले, रामदास वैध, पुरूषोततम धौलपुरी, राजकुमार बिल्थरिया, माधव प्रसाद कटारे, पूरनलाल अहिरवार, कृष्णकुमार चौरसिया, ने आयुक्त के समक्ष में कर्मचारियों के हित हेतु अपने विचार व्यक्त किए। गत 20 वर्षों से दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत् लगभग 250 कर्मचारियों के नियमितीकरण हेतु चर्चा की गई। चर्चा के दौरान आयुक्त सूर्यभान सिंह ने कर्मचारियों के नियमितीकरण हेतु समीक्षा हेतु विजय दुबे कार्यपालन यंत्री को समिति का अध्यक्ष बनाया गया। समिति का गठन स्थापना शाखा से अलग होकर कार्य करेगी जिसमें उक्त समिति का दायित्व होगा कि नियमितीेकरण से संबंधित कार्य को पूर्ण करे।
      पांच सदस्य नगर निगम प्रशासन एवं पांच सदस्य कर्मचारी संघ की ओर से नियुक्त किए जाऐंगे। समिति 10 से 15 दिवस के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी उसके तत्काल बाद नियमितीकरण कर दिया जाएगा। समिति की कार्यवाही की समीक्षा स्वयं आयुक्त प्रत्येक दूसरे दिन करेंगे। नियमितीकरण उपरांत जो कर्मचारी शेष रह जाऐंगे उनकी आवश्यकता की पुष्टि परिषद से कराकर पद स्वीकृत कराने की कार्यवाही शासन स्तर से की जाएगी। पद स्वीकृति उपरांत उनका भी नियमितीेरण किया जाएगा। जो कर्मचारी स्वेच्छा से प्रकरण न्यायालय से वापिस कराकर भी नियमितीकरण प्रक्रिया में शामिल किया जा सकेगा।

गुरुवार, 6 दिसंबर 2012

फार्मेसी सप्ताह




सिप्स में प्रतियोगिताओं का आयोजन


सागर। सागर इंस्टीट्यूट आफ फार्मास्यूटिकल साइंसेस में एन.एस.एस. के छात्र/छात्राओं द्वारा फार्मेसी सप्ताह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।  जिसमें रंगोली प्रतियोगिता मं कु. दक्षा सराफ प्रथम, कु. प्रार्थना ठाकुर द्वितीय एवं कु. रूपल मोटवानी तृतीय स्थान पर रहीं । फार्मासिस्ट इन पब्लिक हेल्थ विषयक प्रष्नोत्तरी में अमन अग्रवाल प्रथम और अर्पित जैन द्वितीय स्थान पर रहे । तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता में अर्पित जैन प्रथम, गोविन्द दुबे एवं निखिल चौरसिया द्वितीय स्थान पर रहे ।

     संस्था प्राचार्य डा. अशोक जैन ने छात्र/छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज में बीमारियों के प्रति जागरूकता, बचाव निदान एवं उपचार आसानी से किया जा सकेगा । सभी प्रतियोगिताएं डा. वर्षा कासव, रीतेष विनोदे, ज्योति अहिरवार एवं नितिन नेमा के निर्देशन में संपन्न हुई । कार्यक्रम का संचालन राहुल जैन एवं नीता यादव ने किया । इस अवसर पर डा. शैलेंद्र पाटिल, डा. आनंद चौरसिया, कार्यक्रम अधिकारी यशवंत अहिरवार, डा. के.के. षुक्ला, आकाष षर्मा, मिताली मिश्रा, मुकेष पटैल, कुलदीप सिंह राजपूत, विनय सोनकर, सुदामा रजक एवं बड़ी संख्या में छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे ।



सम्मान मिलने पर बधाई

सागर। समाजसेवा व मांस की अवैध दुकानों के खिलाफ आन्दोलन करने वाले विचार संस्था के संस्थापक अध्यक्ष कपिल मलैया को दमोह में आर्यिकारत्न अनन्तमति माता जी के ससंघ सानिध्य में पिच्छिका परिवर्तन के विराट भव्य धर्म सभा में अहिंसा महावीर चक्र सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान मिलने पर अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन महिला परिषद सागर मुख्य शाखा सम्पादक श्रीमती रश्मी नायक, संरक्षिका किरण मोदी,संरक्षिका श्रीमती नूतन नाहर, जनसम्पर्क अधिकारी स्नेहप्रभा, चेयरपर्सन सुनीता नायक,किरन कारपार्लर, शशि निबुआ,कान्ता जैन,अध्यक्ष रेखा बहेरिया, अलका, शशि, नीलम जर्दा,सुगन्धी जैन, संगीता ढाना,वन्दना ने बधाई दी है।

टीम बुन्देलखण्ड





योजनाओं का लाभ दिलाने

एक दूसरे के पूरक बने-संभागायुक्त

देवरी में टीम बुन्देलखण्ड के साथ कमिश्नर की बैठक


सागर । संभागायुक्त आर.के.माथुर ने सागर जिले की देवरी जनपद पंचायत क्षेत्र के मैदानी अमले से कहा कि वे आम आदमी को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिये एक दूसरे के पूरक बनें । उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य होने पर गॉंव में तैनात सभी विभागों के कर्मचारियों की पूरी टीम को पुरस्कृत किया जायेगा । संभागायुक्त जिले की जनपद पंचायत देवरी में आयोजित टीम बुन्देलखण्ड की बैठक में संबोधित कर रहे थे । इस अवसर पर कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनोज खत्री, कृषि विभाग के संयुक्त संचालक डी.एल.कोरी, महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक रमनवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा0बड़ौनियां सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे ।
        संभागायुक्त माथुर ने कहा कि जिस प्रकार से लोग अपने परिवार के सदस्यों की विभिन्न जरूरतें पूरी करते है, ठीक वैसे ही गॉंव रूपी परिवार के प्रत्येक जरूरतमंद को किसी न किसी योजना का लाभ दिलायें । उन्होंने कहा कि कमजोर तबके के लोगों को लाभ दिलाने के बाद उनकी ऑंखों में झांककर देखेंगे, तो इससे कर्मचारियों को भी स्वयं में सुखद अनुभूति होगी । उन्होंने कहा कि गरीबों की भलाई करने की सभी षक्तियॉं मैदानी अमले में मौजूद हैं, इसलिये अपनी षक्तियों को पहचानें और लोगों का उद्धार करें । श्री माथुर ने कहा कि किसी कर्मचारी को कार्य करने में कोई कठिनाई होती है, तो उनसे मोबाइल पर सीधे बात कर सकते हैं । उन्होंने सभी को अपना मोबाइल नम्बर भी दिया ।कलेक्टर ने सभी कर्मचारियों को संकल्प दिलाया कि वे अपने-अपने कार्य क्षेत्र में किसी भी गर्भवती महिला की मृत्यु नहीं होने देंगे तथा प्रत्येक गरीब  व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिलायेंगे । 


कार्यक्रम आयोजित

सागर। महिला सशक्तिकरण पर सैन्य स्टेशन सागर  और ढाना की महिलाओं के लिए.महिला एवम बाल विकास मप्र ने कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें महिला सशक्तिकरण विषय और योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। महिला सशक्तिकरण बाल कल्याण बच्चे को गोद लेने अनाथ बच्चों की देखभाल जैसी योजनाऔं सहित महिलाओं की समस्याओं पर बातचीत की भागीदारी के साथ समझाया गया ।


बैठक 8 को
         
सागर।  भारतीय जनता पार्टी की बैठक 08 दिसंबर को प्रातः 11ः00 बजे तहसीली स्थित जिला पंचायत अध्यक्ष के निवास पर बुलाई गयी है। बैठक में आगामी कृषि उपज मण्डी के चुनाव संबंधी चर्चा की जायेगी, बैठक में सांसद, विधायक सहित मण्डी चुनाव के प्रभारी, जिला पदाधिकारी, मण्डल अध्यक्ष एवं प्रबंध समिति के सदस्यों को आमंत्रित किया गया है।


बुधवार, 5 दिसंबर 2012

मनमानी


जनसुनवाई में सुनी समस्यायें

70 हजार खर्च नहीं आई कपिलधारा

सागर । /राज्य सरकार के निर्णयानुसार आमजनों की शिकायतों व समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिये प्रत्येक सप्ताह के हर मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम होता है। जिसमें जिला मुख्यालय से लेकर विकासखण्ड मुख्यालय तक के कार्यालयों में संबंधित अधिकारी मंगलवार को प्रातः 11 बजे से एक बजे तक मौजूद रहकर वहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति से भेंट कर समस्यायें सुनते है और निपटारा करते है। इसी क्रम में कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा ने जनसुनवाई में 85 आवेदकों की समस्याये सुनी और उन्हें निपटाने के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया साथ ही पात्र आवेदको को मौके पर ही लाभ उपलब्ध कराये।
     
         जनसुनवाई में ग्राम गुंजौरा के प्रभू कोटवार ने आवेदन प्रस्तुत किया कि उनकी 3 एकड सेवा भूमि में कपिलधारा कुंआ स्वीकृत हुआ था और उन्हें 21 हजार 500 रूपये की किष्त मिली थी । अब इस कुयें में मैने बैंक से ऋण लेकर 70 हजार रूपये खर्च कर दिये है किन्तु ग्राम पंचायत के सचिव पैसा नहीं देकर यह लिखकर देने मजबूर कर रहे हैं कि मैने 70 हजार रूपये की राशि प्राप्त कर ली है । उन्होंने अनुरोध किया कि उनके कुंये में कराये गये कार्य पर अब तक व्यय का आकलन कराते हुए षेष राषि दिलवाई जाये । इस संबंध में कलेक्टर ने सी.ई.ओ. जिला पंचायत को स्वयं स्थल निरीक्षण करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देष दिये । जनसुनवाई में ग्राम खौजाखेडी के अजीते हिम्मत आदिवासी ने आवेदन दिया कि उन्हें षासन द्वारा वर्ष 86-87 में 0.89 हेक्टर भूमि का पट्टा व कब्जा मिला था । उन्होंने उल्लेख किया कि पट्टे की उक्त जमीन में से 0.37 डिस. भूमि पर कतिपय अनावेदक ने कुछ समय पहले बेजा कब्जा कर लिया है ।
      उन्होंने अपने पट्टे की जमीन से बेजा कब्जा हटवाये जाने का अनुरोध किया । इस संबंध में एस.डी.एम. खुरई को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देष दिये गये । जनसुनवाई में ग्राम डबडेरा की मीराबाई व सुमित्राबाई ने आवेदन दिया कि उनकी भू-स्वामी की जमीन में से षासन द्वारा बंधान निर्माण के लिये जमीन अधीग्रहीत की थी और षासन द्वारा अन्यंत्र स्थान पर एक एकड भूमि आवंटित की गई है जो वंजर है और भूमि में पत्थर ही पत्थर है । उन्होंने अनुरोध किया कि अधीग्रहीत भूमि के बदले उन्हें या तो उपजाउ भूमि आवंटित की जाये अथवा षासन की वर्तमान दर के आधार पर मुआवजा दिया जाये । कलेक्टर ने इस संबंध में भू-अर्जन अधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देष दिये।            

      जनसुनवाई में बीना सिविल अस्पताल की स्टाफ नर्स एस.मसीह लेवी ने आवेदन दिया कि उन्हें समयमान  वेतनमान  स्वीकृति के बाद सिविल सर्जन  टीकमगढ द्वारा 26 जुलाई 2012 को 72 हजार 366 रूपये का एरियर्स बिल तैयार कर बीना सिविल डिस्पेंसरी भेजा गया है जो बीना में 31 जुलाई को प्राप्त हो गया है । किन्तु उनके कार्यालय के अकाउन्टेन्ट एरियर्स बिल निकलवाने के लिये पांच हजार रूपये की रिष्वत मांग रहे है । उन्होंने अनुरोध किया कि उनके लम्बित बकाया स्वत्वों का भुगतान दिलवाया जाये । इस संबंध में कलेक्टर ने सी.एम.एच.ओ. को हिदायत दी कि वे संबंधित कर्मचारियों को रिकार्ड लेकर आज ही अपने सामने बुलाकर जांच पडताल करें और यदि अकाउन्टेन्ट द्वारा रिष्वत की मांग की गई हो तो संबंधित के निलंबन की कार्यवाही की जाये।
                              
      जनसुनवाई में खुरई के ताराचंद विष्वकर्मा ने आवेदन दिया कि वे कैंसर पीडित है और उन्हें राज्य बीमारी सहायता भी पहले मिल चुकी है किन्तु उनका इलाज पूरा नहीं हो पाया है । उन्हें इलाज हेतु आर्थिक सहायता दिलाई जाये । इस संबंध में कलेक्टर ने  विष्वकर्मा को भोपाल इलाज के लिये जाने हेतु तुरन्त एक हजार रूपये की राषि संकटापन्न स्थिति में सहायता योजना के तहत दिलवाई और पीडित को पुनः भोपाल के अस्पताल में इलाज करवाये जाने का परामर्ष दिया । साथ ही जिला स्वास्थ्य अधिकारी को हिदायत दी कि बीमार व्यक्ति को दुबारा इलाज संबंधी प्रकरण में यदि सहायता स्वीकृत हो सकती है तो प्रकरण तैयार करवायें ।

रक्षा मंत्री को बताये छावनी क्षेत्र के हालात

सांसद भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मिला

सागर।  सांसद भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में छावनी परिषद् के पार्षदों ने रक्षा मंत्री एके एन्टोनी से दिल्ली में मुलाकात कर छावनी क्षेत्र की जनसमस्याओं को हल कराने का अनुरोध किया। साथ ही छावनी की मुख्य अधिशासी अधिकारी का तत्काल स्थानांतरण कर उनके कार्यकाल में हुई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जाँच कराने की मांग की है। 

        सांसद भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय में रक्षा मंत्री श्री एन्टोनी से मुलाकात करने पहुँचे छावनी क्षेत्र के पार्षद हरिओम केशरवानी, संजय बाजपेयी, मुबीन मकरानी, शेखर चौधरी, भाजपा सदर मंडल अध्यक्ष प्रभुदयाल पटेल एवं सांसद प्रतिनिधि वीरेन्द्र पटैल ने छावनी क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उक्त प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री से मांग की छावनी क्षेत्र में कृषि भूमि का नवीनीकरण और नामांतरण की कार्रवाई की जावे। छावनी क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे गरीब परिवारों को राजीव गांधी कुटीर आवास योजना के अन्तर्गत पट्टे प्रदान किए जावें। साथ ही रक्षा मंत्री से यह भी अनुरोध किया गया कि बंगलों के अधिग्रहण की कार्रवाई को शीघ्र स्थगित किया जावे तथा सैन्य अधिकारियों द्वारा की जा रही अनावश्यक कार्रवाई को रोका जावे।

       प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि क्षेत्र के रहवासियों के प्रति केन्ट प्रशासन का रवैया निरंकुश है। मनमर्जी से जल, सम्पति और सफाई कर बढ़ाकर नागरिकों को परेशान किया जा रहा है।  प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री को सौंपे ज्ञापन में मुख्य अधिशासी अधिकारी श्रीमती नेहा गुप्ता का स्थानांतरण कर उनके कार्यकाल में हुई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ज्ञापन में लेख है कि सागर छावनी में पदस्थ सीईओ श्रीमती नेहा गुप्ता द्वारा बोर्ड को गुमराह करते हुए आर्थिक अनियमिताताएँ की जा रही हैं। श्रीमती गुप्ता के ढुलमुल रवैये के कारण विकास की गति अवरूद्ध हो गई है।

        सीईओ की हठधर्मिता और प्रशासनिक अक्षमता के कारण वित्तीय वर्ष के आठ माह गुजर जाने के बाद भी विकास कार्य प्रारंभ नहीं हो सके हैं। छावनी क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सांसद श्री सिंह के नेतृत्व में उक्त प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल (रक्षा सम्पदा) रविकांत चौपड़ा से भी मुलाकात की।

जनसमस्या

गौ हत्या के खिलाफ आन्दोलन की चेतावनी

सागर।  सागर नगर के निगम व केन्ट क्षेत्रों में खुलेआम चल रहे अवैध मांस व्यापार के विरूद्ध प्रशासन के उदासीन रवैये के विरोध में जनअन्दोलन छेडा जायेगा।शहर की लगभग हर गली कूचे में जगह जगह मुर्गा अण्डा की बिना लायसेन्स अपंजीकृत दुकानों एवं बहुत बडी तादाद में हो रही गौ हत्या से अहिंसा में विष्वास रखने वाले जनमानस को भारी पीडा है।      
      सागर नगर में मुख्यतः राधा तिराहा के पास एवं झांसी रोड सदर में अवैध मुर्गा मांस का कारोबार अनियन्त्रित होकर  मांस माफिया के हाथों में पहुंच चुका है। गन्दगी, बदबू और न्यूसेन्स से आम जनता परेषान है।केन्अ व निगम के कर्मचारियों व अधिकरियों के संरक्षण में अवैध मांस व्यापार चल रहा है। सागर नगर में कसाई मण्डी एवं सदर बाजार में राजनैतिक संरक्षण के सहारे गौ हत्या का धिनौना कारोबार चल रहा है। पुलिस तो कभी कभी गैरकानूनी गौ मांस पकड भी लेती है लेकिन लायसेन्सिेग अथारिटी होने के बावजूद भी केन्ट व निगम प्रषासन पूरी तरह उदासीन रहकर ,गौ मांस बिक्री को चलने दे रहा है।
      सैकडों की संख्या में जनता की ओर से षिकायतें दर्ज कराई गई है। माननीय न्यायालयों में भी केन्ट व  निगम प्रषासन के खिलाफ मामले चल रहे हैं। लेकिन सत्ता के अहंकार में डूबा प्रषासन जनता की आवाज को सुन नही रहा है। इसीलिये अब पीडित जनता आन्दोलन को बाध्य है। विचार संस्था के संस्थापक अध्यक्ष कपिल मलैया ने जन आन्दोलन की चेतावनी देते हुये प्रषासन को आगाह किया है कि सागर व दमोह सहित सम्पूर्ण सागर सम्भाग में लाखो की संख्या में गौ वध और करोडों की संख्या में मुर्गा वध का अवैध कारोबार प्रषासन की जानकारी में चल रहा है। सिर्फ दमोह नगर पालिका के अन्तर्गत विगत तीन वर्षों में लगभग 1 लाख 60 हजार से अधिक गाये काटी गई एवं 23 हजार से अधिक भैसे व लाखों की संख्या में अन्य चौपाये जानवर काटे गये। जबकि दमोह नगर पालिका ने एक भी लायसेन्स आज तक मांस बेचने या पषु वध का किसी को भी जारी नही किया है। और यह सारी जानकारी नगर पालिका और दमोह प्रषासन के रिकार्ड पर मौजूद है।कुण्डलपुर धार्मिक तीर्थ के मार्ग पर पटेरा में खुले में चल रही मांस दुकानों से साधू सन्त बहुत दुखी हैं व जनता में बहुत आक्रोष है। बीना मे तो अवैध मांस व्यापार की गन्दगी व न्यूसेन्स से पीडित होकर स्वयं मांसाहारी लोग आन्दोलन को बाध्य हो गये हैं। 
            कपिल मलैया ने प्रषासन को चेतावनी देते हुये कहा कि अगर मांस के अवैध कारोबार को बन्द नही कराया गया तो हम अहिंसक समाज के लोग जन आन्दोलन को बाध्य होगें जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रषासन की होगी।

सिंह ने पुनः आयुक्त का पदभार ग्रहण किया

सागर। /नगर पालिक निगम सागर में पूर्व में आयुक्त के पद पर रहे श्री सूर्यभान सिंह ने पुनः आयुक्त का पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने पद भार ग्रहण करने के उपरांत महापौर श्रीमति अनीता हरप्रसाद अहिरवार, निगमाध्यक्ष पं. विनोद तिवारी, नेता प्रतिपक्ष चक्रेश सिंघई, से मुलाकात की महापौर श्रीमति अनीता हरप्रसाद अहिरवार ने महापौर कक्ष में आयुक्त श्री सूर्यभान सिंह का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
      उल्लेखनीय है कि सूर्यभान सिंह नगर निगम सागर में आयुक्त के पद पर 18 जून 2010 से 25 जुलाई 2012 तक पूर्व में पदस्थ थे। उनके बाद 25 जूलाई 2012 से 03 दिसम्बर 2012 तक आर.पी.सिंह आयुक्त के पद पर रहे है। प्रातः 11 बजे एस.बी.सिंह द्वारा पदभार ग्रहण करने के उपरांत नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया। पदभार ग्रहण करने के उपरांत आयुक्त ने कहा कि मैं सागर के विकास के लिए हमेशा प्रयत्नशील था और आगे भी रहूंगा। नगर विकास के लिए शासन स्तर से जो भी प्रयास करना होंगे। उससे मैं पीछे नहीं हटूंगा। जो योजनाऐं व कार्य लंबित थे उन्हें शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा।