बुधवार, 5 दिसंबर 2012


जनसुनवाई में सुनी समस्यायें

70 हजार खर्च नहीं आई कपिलधारा

सागर । /राज्य सरकार के निर्णयानुसार आमजनों की शिकायतों व समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिये प्रत्येक सप्ताह के हर मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम होता है। जिसमें जिला मुख्यालय से लेकर विकासखण्ड मुख्यालय तक के कार्यालयों में संबंधित अधिकारी मंगलवार को प्रातः 11 बजे से एक बजे तक मौजूद रहकर वहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति से भेंट कर समस्यायें सुनते है और निपटारा करते है। इसी क्रम में कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा ने जनसुनवाई में 85 आवेदकों की समस्याये सुनी और उन्हें निपटाने के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया साथ ही पात्र आवेदको को मौके पर ही लाभ उपलब्ध कराये।
     
         जनसुनवाई में ग्राम गुंजौरा के प्रभू कोटवार ने आवेदन प्रस्तुत किया कि उनकी 3 एकड सेवा भूमि में कपिलधारा कुंआ स्वीकृत हुआ था और उन्हें 21 हजार 500 रूपये की किष्त मिली थी । अब इस कुयें में मैने बैंक से ऋण लेकर 70 हजार रूपये खर्च कर दिये है किन्तु ग्राम पंचायत के सचिव पैसा नहीं देकर यह लिखकर देने मजबूर कर रहे हैं कि मैने 70 हजार रूपये की राशि प्राप्त कर ली है । उन्होंने अनुरोध किया कि उनके कुंये में कराये गये कार्य पर अब तक व्यय का आकलन कराते हुए षेष राषि दिलवाई जाये । इस संबंध में कलेक्टर ने सी.ई.ओ. जिला पंचायत को स्वयं स्थल निरीक्षण करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देष दिये । जनसुनवाई में ग्राम खौजाखेडी के अजीते हिम्मत आदिवासी ने आवेदन दिया कि उन्हें षासन द्वारा वर्ष 86-87 में 0.89 हेक्टर भूमि का पट्टा व कब्जा मिला था । उन्होंने उल्लेख किया कि पट्टे की उक्त जमीन में से 0.37 डिस. भूमि पर कतिपय अनावेदक ने कुछ समय पहले बेजा कब्जा कर लिया है ।
      उन्होंने अपने पट्टे की जमीन से बेजा कब्जा हटवाये जाने का अनुरोध किया । इस संबंध में एस.डी.एम. खुरई को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देष दिये गये । जनसुनवाई में ग्राम डबडेरा की मीराबाई व सुमित्राबाई ने आवेदन दिया कि उनकी भू-स्वामी की जमीन में से षासन द्वारा बंधान निर्माण के लिये जमीन अधीग्रहीत की थी और षासन द्वारा अन्यंत्र स्थान पर एक एकड भूमि आवंटित की गई है जो वंजर है और भूमि में पत्थर ही पत्थर है । उन्होंने अनुरोध किया कि अधीग्रहीत भूमि के बदले उन्हें या तो उपजाउ भूमि आवंटित की जाये अथवा षासन की वर्तमान दर के आधार पर मुआवजा दिया जाये । कलेक्टर ने इस संबंध में भू-अर्जन अधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देष दिये।            

      जनसुनवाई में बीना सिविल अस्पताल की स्टाफ नर्स एस.मसीह लेवी ने आवेदन दिया कि उन्हें समयमान  वेतनमान  स्वीकृति के बाद सिविल सर्जन  टीकमगढ द्वारा 26 जुलाई 2012 को 72 हजार 366 रूपये का एरियर्स बिल तैयार कर बीना सिविल डिस्पेंसरी भेजा गया है जो बीना में 31 जुलाई को प्राप्त हो गया है । किन्तु उनके कार्यालय के अकाउन्टेन्ट एरियर्स बिल निकलवाने के लिये पांच हजार रूपये की रिष्वत मांग रहे है । उन्होंने अनुरोध किया कि उनके लम्बित बकाया स्वत्वों का भुगतान दिलवाया जाये । इस संबंध में कलेक्टर ने सी.एम.एच.ओ. को हिदायत दी कि वे संबंधित कर्मचारियों को रिकार्ड लेकर आज ही अपने सामने बुलाकर जांच पडताल करें और यदि अकाउन्टेन्ट द्वारा रिष्वत की मांग की गई हो तो संबंधित के निलंबन की कार्यवाही की जाये।
                              
      जनसुनवाई में खुरई के ताराचंद विष्वकर्मा ने आवेदन दिया कि वे कैंसर पीडित है और उन्हें राज्य बीमारी सहायता भी पहले मिल चुकी है किन्तु उनका इलाज पूरा नहीं हो पाया है । उन्हें इलाज हेतु आर्थिक सहायता दिलाई जाये । इस संबंध में कलेक्टर ने  विष्वकर्मा को भोपाल इलाज के लिये जाने हेतु तुरन्त एक हजार रूपये की राषि संकटापन्न स्थिति में सहायता योजना के तहत दिलवाई और पीडित को पुनः भोपाल के अस्पताल में इलाज करवाये जाने का परामर्ष दिया । साथ ही जिला स्वास्थ्य अधिकारी को हिदायत दी कि बीमार व्यक्ति को दुबारा इलाज संबंधी प्रकरण में यदि सहायता स्वीकृत हो सकती है तो प्रकरण तैयार करवायें ।

रक्षा मंत्री को बताये छावनी क्षेत्र के हालात

सांसद भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मिला

सागर।  सांसद भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में छावनी परिषद् के पार्षदों ने रक्षा मंत्री एके एन्टोनी से दिल्ली में मुलाकात कर छावनी क्षेत्र की जनसमस्याओं को हल कराने का अनुरोध किया। साथ ही छावनी की मुख्य अधिशासी अधिकारी का तत्काल स्थानांतरण कर उनके कार्यकाल में हुई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जाँच कराने की मांग की है। 

        सांसद भूपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय में रक्षा मंत्री श्री एन्टोनी से मुलाकात करने पहुँचे छावनी क्षेत्र के पार्षद हरिओम केशरवानी, संजय बाजपेयी, मुबीन मकरानी, शेखर चौधरी, भाजपा सदर मंडल अध्यक्ष प्रभुदयाल पटेल एवं सांसद प्रतिनिधि वीरेन्द्र पटैल ने छावनी क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उक्त प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री से मांग की छावनी क्षेत्र में कृषि भूमि का नवीनीकरण और नामांतरण की कार्रवाई की जावे। छावनी क्षेत्र में झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे गरीब परिवारों को राजीव गांधी कुटीर आवास योजना के अन्तर्गत पट्टे प्रदान किए जावें। साथ ही रक्षा मंत्री से यह भी अनुरोध किया गया कि बंगलों के अधिग्रहण की कार्रवाई को शीघ्र स्थगित किया जावे तथा सैन्य अधिकारियों द्वारा की जा रही अनावश्यक कार्रवाई को रोका जावे।

       प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि क्षेत्र के रहवासियों के प्रति केन्ट प्रशासन का रवैया निरंकुश है। मनमर्जी से जल, सम्पति और सफाई कर बढ़ाकर नागरिकों को परेशान किया जा रहा है।  प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री को सौंपे ज्ञापन में मुख्य अधिशासी अधिकारी श्रीमती नेहा गुप्ता का स्थानांतरण कर उनके कार्यकाल में हुई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ज्ञापन में लेख है कि सागर छावनी में पदस्थ सीईओ श्रीमती नेहा गुप्ता द्वारा बोर्ड को गुमराह करते हुए आर्थिक अनियमिताताएँ की जा रही हैं। श्रीमती गुप्ता के ढुलमुल रवैये के कारण विकास की गति अवरूद्ध हो गई है।

        सीईओ की हठधर्मिता और प्रशासनिक अक्षमता के कारण वित्तीय वर्ष के आठ माह गुजर जाने के बाद भी विकास कार्य प्रारंभ नहीं हो सके हैं। छावनी क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सांसद श्री सिंह के नेतृत्व में उक्त प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल (रक्षा सम्पदा) रविकांत चौपड़ा से भी मुलाकात की।

जनसमस्या

गौ हत्या के खिलाफ आन्दोलन की चेतावनी

सागर।  सागर नगर के निगम व केन्ट क्षेत्रों में खुलेआम चल रहे अवैध मांस व्यापार के विरूद्ध प्रशासन के उदासीन रवैये के विरोध में जनअन्दोलन छेडा जायेगा।शहर की लगभग हर गली कूचे में जगह जगह मुर्गा अण्डा की बिना लायसेन्स अपंजीकृत दुकानों एवं बहुत बडी तादाद में हो रही गौ हत्या से अहिंसा में विष्वास रखने वाले जनमानस को भारी पीडा है।      
      सागर नगर में मुख्यतः राधा तिराहा के पास एवं झांसी रोड सदर में अवैध मुर्गा मांस का कारोबार अनियन्त्रित होकर  मांस माफिया के हाथों में पहुंच चुका है। गन्दगी, बदबू और न्यूसेन्स से आम जनता परेषान है।केन्अ व निगम के कर्मचारियों व अधिकरियों के संरक्षण में अवैध मांस व्यापार चल रहा है। सागर नगर में कसाई मण्डी एवं सदर बाजार में राजनैतिक संरक्षण के सहारे गौ हत्या का धिनौना कारोबार चल रहा है। पुलिस तो कभी कभी गैरकानूनी गौ मांस पकड भी लेती है लेकिन लायसेन्सिेग अथारिटी होने के बावजूद भी केन्ट व निगम प्रषासन पूरी तरह उदासीन रहकर ,गौ मांस बिक्री को चलने दे रहा है।
      सैकडों की संख्या में जनता की ओर से षिकायतें दर्ज कराई गई है। माननीय न्यायालयों में भी केन्ट व  निगम प्रषासन के खिलाफ मामले चल रहे हैं। लेकिन सत्ता के अहंकार में डूबा प्रषासन जनता की आवाज को सुन नही रहा है। इसीलिये अब पीडित जनता आन्दोलन को बाध्य है। विचार संस्था के संस्थापक अध्यक्ष कपिल मलैया ने जन आन्दोलन की चेतावनी देते हुये प्रषासन को आगाह किया है कि सागर व दमोह सहित सम्पूर्ण सागर सम्भाग में लाखो की संख्या में गौ वध और करोडों की संख्या में मुर्गा वध का अवैध कारोबार प्रषासन की जानकारी में चल रहा है। सिर्फ दमोह नगर पालिका के अन्तर्गत विगत तीन वर्षों में लगभग 1 लाख 60 हजार से अधिक गाये काटी गई एवं 23 हजार से अधिक भैसे व लाखों की संख्या में अन्य चौपाये जानवर काटे गये। जबकि दमोह नगर पालिका ने एक भी लायसेन्स आज तक मांस बेचने या पषु वध का किसी को भी जारी नही किया है। और यह सारी जानकारी नगर पालिका और दमोह प्रषासन के रिकार्ड पर मौजूद है।कुण्डलपुर धार्मिक तीर्थ के मार्ग पर पटेरा में खुले में चल रही मांस दुकानों से साधू सन्त बहुत दुखी हैं व जनता में बहुत आक्रोष है। बीना मे तो अवैध मांस व्यापार की गन्दगी व न्यूसेन्स से पीडित होकर स्वयं मांसाहारी लोग आन्दोलन को बाध्य हो गये हैं। 
            कपिल मलैया ने प्रषासन को चेतावनी देते हुये कहा कि अगर मांस के अवैध कारोबार को बन्द नही कराया गया तो हम अहिंसक समाज के लोग जन आन्दोलन को बाध्य होगें जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रषासन की होगी।

सिंह ने पुनः आयुक्त का पदभार ग्रहण किया

सागर। /नगर पालिक निगम सागर में पूर्व में आयुक्त के पद पर रहे श्री सूर्यभान सिंह ने पुनः आयुक्त का पदभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने पद भार ग्रहण करने के उपरांत महापौर श्रीमति अनीता हरप्रसाद अहिरवार, निगमाध्यक्ष पं. विनोद तिवारी, नेता प्रतिपक्ष चक्रेश सिंघई, से मुलाकात की महापौर श्रीमति अनीता हरप्रसाद अहिरवार ने महापौर कक्ष में आयुक्त श्री सूर्यभान सिंह का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
      उल्लेखनीय है कि सूर्यभान सिंह नगर निगम सागर में आयुक्त के पद पर 18 जून 2010 से 25 जुलाई 2012 तक पूर्व में पदस्थ थे। उनके बाद 25 जूलाई 2012 से 03 दिसम्बर 2012 तक आर.पी.सिंह आयुक्त के पद पर रहे है। प्रातः 11 बजे एस.बी.सिंह द्वारा पदभार ग्रहण करने के उपरांत नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया। पदभार ग्रहण करने के उपरांत आयुक्त ने कहा कि मैं सागर के विकास के लिए हमेशा प्रयत्नशील था और आगे भी रहूंगा। नगर विकास के लिए शासन स्तर से जो भी प्रयास करना होंगे। उससे मैं पीछे नहीं हटूंगा। जो योजनाऐं व कार्य लंबित थे उन्हें शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा।
         

रविवार, 2 दिसंबर 2012

हाट बाजार


रजाखेड़ी हाट बाजार अब कहलाएगा
       सरदार वल्लभ भाई पटेल 
             पंचायत मंत्री ने किया नामकरण


सागर । मुख्यअतिथि  पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने सागर नगर से लगी रजाखेड़ी ग्राम पंचायत क्षेत्र में हाट बाजार विकास के लिये 28 लाख रूपये से निर्मित किये जाने वाले कार्यो के लिये भूमि-पूजन कर आधार शिला रखी।

      समरोह में पंचायत मंत्री ने कहा कि नगरों से जुड़ी अनेक ग्राम पंचायतों में विकास की असीम आवश्यकताएँ  है । इसीलिये रजाखेड़ी ग्राम पंचायत के हाट बाजार हेतु अभी प्रदेष सरकार ने ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से 28 लाख रूपये की स्वीकृति दी है । किन्तु स्थानीय सरपंच द्वारा इस हाट बाजार के विकास के लिये और धन राषि की आवष्यकता व्यक्त की गई है । इसलिये विभाग व सरकार के माध्यम से वर्तमान स्वीकृत राषि 28 लाख के बराबर की राषि इस हेतु और उपलब्ध कराई जायेगी ताकि हाट बाजार का व्यवस्थित विकास कराया जा सके । उन्होने कहा कि रजाखेड़ी और मकरोनिया ग्राम पंचायत क्षेत्र में काफी काम हुये है । सरपंच श्रीमती सरोज पटैल ने अपने क्षेत्र के विकास से संबंधित कार्यो की जानकारी दी ।

राजनीति 

जलकुंभी हटाने के लिए सफाई अभियान शुरू  किया

तालाब को कचरा घर नहीं बनने दूंगा: शैलेंद्र 


सागर। विधायक शैलेन्द्र जैन द्वारा तालाब में जल कुंभी पनपने की सूचना मिलने पर सागर तालाब का औचक निरीक्षण कर सहयोगियों सहित एवं मछुआ संघ के सदस्यों के साथ पुनः सागर तालाब से जलकुंभी हटाने के अभियान का श्रीगणेष किया। इस दौरान उन्होने तालाब के तीनों छोरो पर जाकर वहाँ  पर पनपी हुई जलकुंभी का मुआयना किया। उल्लेखनीय है कि नगर विधायक द्वारा सागर तालाब को जलकुंभी मुक्त करने का संकल्प लिया गया है।  विधायक ने कहा कि यह तालाब हमारी विरासत है और इसके रखरखाव के लिए हम सभी को आगे आकर प्रयास करना होगा, पूर्व में इसकी जलकुंभी को हटाने के लिए संपूर्ण नगर ने एकजुट होकर इस तालाब को श्रमदान एवं जन भागीदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया था। इस अवसर पर जगन्नाथ गुरैया, , प्रदीप राजौरिया, धर्मेन्द्र खटीक, विक्रम सोनी, राजेष ठाकुर उपस्थित थे।

पॉलिथिन मुक्त बनेगा सागर नगर

सागर। सागर नगर विधायक शैलेन्द्र जैन द्वारा विगत काफी समय से सागर नगर को पॉलिथिन के जहर से मुक्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत् उप्होने विभिन्न मंचों से नगर वासियों को जागरूक करने तथा पॉलिथिन का उपयोग कम करने की मांग की है। उन्होने कहा  कि प्रदेष के 04 महानगरों की नगर निगमों में नगर को पॉलिथिन मुक्त करने के लिए परियोजना संचालित की जा रही है इसी तर्ज पर नगर विधायक प्रयासों से नगर निगम भोपाल में कार्य करने वाली संस्था एवं यू.एन.डी.पी. के प्रतिनिधियों ने म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के साथ सागर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया।  

शनिवार, 1 दिसंबर 2012

लोक कल्याण शिविर



समस्याओं का निराकरण किया कलेक्टर ने

निराश्रितों की पेंशन स्वीकृत







सागर । रहली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम ऊमरा में जिला स्तरीय लोक कल्याण शिविर सम्पन्न हुआ । जिसमें कलेक्टर योगेन्द्र शर्मा ने पुलिस अधीक्षक अभय सिंह, सी.ई.ओ.जिला पंचायत मनोज खरे और अन्य शासकीय विभागों के जिला अधिकारियों के साथ ऊमरा गांव में पहुंचकर जनपद अध्यक्ष रहली श्रीमती रमेषीबाई, स्थानीय सरपंच श्रीमती राखीरानी जाटव व अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ग्रामीणजनों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों का मौके पर निराकरण कराया ।

      सम्पन्न इस लोककल्याण षिविर में कलेक्टर ने सेवा सहकारी समिति रेगुवां द्वारा की गई अनियमितता संबंधी शिकायत मिलने पर रहली एस.डी.एम.को प्रकरण की जाचं कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये । आसपास के ग्रामों से आये पात्र 25 निराश्रितों को कलेक्टर ने मौके पर ही पेंशन राशि स्वीकृत की । 3 निःशक्तों को ट्रायसाइकिल 16 निःशक्तों के प्रमाणपत्र मौके पर ही बनवाकर वितरित कराये । गढाकोटा के शेखइसरार ने आवेदन दिया कि उनके पिता के नाम रेगुवां समिति के समिति प्रबंधक ने खाद-बीज बिना जानकारी के ले लिया है और 7542 रूपये की वसूली समिति की डिमान्ड लिस्ट में शामिल कर दी है । इसी तरह  शांमिक शर्मा ने आवेदन दिया कि उनकी माता के नाम से समिति प्रबंधक ने फर्जी हस्ताक्षर से वर्ष 2008 व 2009 में खाद-बीज निकाल लिया है उनकी मां समिति की खातादार भी नहीं है और समिति की डिमान्ड लिस्ट में 14 हजार की वसूली भी उनकी मां के नाम बताई जा रही है । दोनों आवेदको ने समिति के कार्यो की जांच कराने का अनुरोध किया जिस संबंध में कलेक्टर ने तुरन्त एस.डी.एम.को जांच करने के निर्देष दिये और प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही करने आष्वस्त किया।

      लोक कल्याण शिविर में अनेक वृद्व ग्रामीण महिलाओं और गरीब व्यक्तियों ने जिनके पास कोई भूमि नहीं है अपना नाम बी.पी.एल.सूची में जोड़े जाने के आवेदन किये । कलेक्टर ने बी.पी.एल.सूची से संबंधित सभी आवेदनों को तहसीलदार गढाकोटा को सौपकर आज ही जांच करने के बाद निर्णय लेने के निर्देष दिये । षिविर में ऊमरा ग्राम में पेयजल की आंषिक योजनाओं क्रियान्वित होने की जानकारी कलेक्टर को दी तथा लाइन बढाने का अनुरोध किया इस संबंध में कलेक्टर ने पी.एच.ई.के कार्यपालन यंत्री को योजना के प्रस्ताव बनाकर शीघ्र स्वीकृत कराने के निर्देष दिये । कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग की योजना के अंतर्गत पार्वती लोधी, प्रीति सेन और मनोहर बहुविकलांग प्रत्येक को 500-500 रूपये मासिक पेंशन स्वीकृत कराई । ऊमरा के रमेश  साहू ने आवेदन दिया कि उनके मकान में आग लग गई थी इसलिये सहायता दिलाई जाये । इस संबंध में कलेक्टर ने गांव वालों से ही हाथ उठाकर पूंछ परख कर ली और तहसीलदार को मौका मुआवना कर आज ही राहत राषि स्वीकृत करने के निर्देष दिये । कलेक्टर ने ग्राम ऊमरा में एक हैण्डपंप और मुर्गा दरारिया की स्कूल में एक हैण्डपंप लगाने पी.एच.ई.विभाग के यंत्री को निर्देष दिये 


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स्वास्थ्य शिविर

कलेक्टर के निर्देष पर स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया जिसमें 106 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें मुफ्त  दवाईयां वितरित की गई लोक कल्याण शिविर के दौरान ग्रामीणजनों से 230 आवेदन प्रस्तुत किये गये जिनके पंजीयन उपरान्त कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदन को अपने पास बुलाकर निराकण सुनिष्चित कराया ।

सेल्समेन हटाने के निर्द्रेष

कलेक्टर ने ग्राम ऊमरा में लोक कल्याण षिविर में जाते समय रास्ते के गांव की स्कूलों व आंगनवाडी केन्द्रों का निरीक्षण भी किया । इसी कड़ी में बसिया के ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि उन्हें राषन दुकान से खाद्यान्न नही मिला है और मध्यान्ह योजना का खाद्यान्न भी समय पर नहीं बाटा जाता है । इस संबंध में कलेक्टर ने संबंधित सेल्समेन को हटाने के निर्देष खाद्य नियंणक को दिये और राषन दुकान निलम्बित करते हुए अन्य व्यवस्था तुरन्त बनाने ताकीद किया ।  
कपिल को मिला सम्मान


सागर।  विचार संस्था के अध्यक्ष  कपिल मलैया को आर्यिकारत्न मां अनन्तमति माता जी के ससंघ सानिध्य में शाकाहार उपासना परिसंघ दमोह द्वारा उमा मिस्त्री की तलैया दमोह में आयोजित धर्मसभा में अहिंसा महावीर चक्र सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान मिलने पर बधाई देने वालों में डा0 महेष जैन,सी0पी0अहिरवार, कल्पना राय,विनय मलैया, अरूण दुबे, आदि शामिल है।

बुन्देली राजनीति






सांसद बोले सागर में खोलें क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र

बुंदेलखंड की आत्मा से परिचित नहीं है केन्द्र

सागर।  सांसद भूपेन्द्र सिंह ने केन्द्रीय संस्कृति मंत्री को पत्र लिखकर बुंदेलखंड के संभागीय मुख्यालय सागर में क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना करने की मांग की है। इस संबंध में लोकसभा में किए गए प्रश्र का हवाला देते हुए सांसद श्री सिंह ने कहा है कि इलाहाबाद और नागपुर स्थित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र बुंदेलखंड की आत्मा से परिचित नहीं है और उनका पूरा फोकस मात्र खजुराहो पर सिमटकर रह गया है।

      केन्द्रीय संस्कृति मंत्री श्रीमती चन्द्रेश कुमारी को लिखे पत्र में सांसद भूपेन्द्र सिंह ने बताया है कि लोकसभा में उनके द्वारा पूछे गए प्रश्र के उत्तर में खुलासा हुआ है कि मध्यप्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र उत्तर मध्य सांस्कृतिक केन्द्र इलाहाबाद और दक्षिण मध्य सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर के अधिकार क्षेत्र में आता है।

     इन दोनों केन्द्रों ने वर्ष 2009-10 तथा 2010-11 में मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड में चारों सांस्कृतिक कार्यक्रम सिर्फ खजुराहों मे ही किए हैं। वर्ष 2011-12 में किए गए 30 में से 23 कार्यक्रम खजुराहों में सम्पन्न किए गए हैं। इसी तरह चालू वर्ष 2012-13 में बुंदेलखंड के नाम पर उक्त दोनों केन्द्रों के कार्यक्रमों का पूरा फोकस खजुराहो पर ही है। सांसद ने पत्र में लिखा है कि क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्रों का उद्देश्य लोक कलाओं का संरक्षण और पोषण, स्थापित कलाकारों के कार्यक्रम आयोजित कर लोगों में कला विशेष का प्रदर्शन करना तथा युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए मंच प्रदान करना भी है। लेकिन इलाहाबाद और नागपुर से संचालित उक्त केन्द्रों का पूरा फोकस खजुराहो पर केन्द्रित होने से लगता है कि यह केन्द्र बुंदेलखंड की आत्मा से परिचित नहीं हैं।

    जबकि मध्यप्रदेश में बुंदेलखंड क्षेत्र बहुत बड़े भू-भाग में फैला हुआ है। जिसमें लोक कलाओं की अनुपम विरासत है और सतरंगी बहार देखने को मिलती है। सांसद भूपेन्द्र सिंह ने पत्र में लिखा है कि बुंदेलखंड में अपना क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र नहीं है। जबकि बुंदेलखंड की अनेक लोक कलाएँ विलुप्त हो चुकी हैं और होती जा रही हैं। साथ ही यहाँ के अनेकों प्रतिभावान कलाकारों को अपने प्रदर्शन के लिए कोई स्थापित मंच नहीं मिल रहा। उक्त तर्कों के साथ सांसद ने केन्द्रीय संस्कृति मंत्री से पुरजोर मांग की है कि सागर में क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना की जावे।



एनजीओ को विदेशों से मिल रहे करोड़ों रूपए
सागर।  देश में 22 हजार से अधिक ऐसे एनजीओ हैं, जिन्हें विगत तीन वर्षों में करोड़ों रूपए की विदेशी मदद प्राप्त हुई है। इनमें 400 से अधिक एनजीओ मध्यप्रदेश के हैं। छिंदवाड़ा के एक एनजीओ सहित देश के दो दर्जन एनजीओ सीबीआई जाँच के घेरे में है और 10 एनजीओ के मामले राज्य पुलिस को सौंपे गए हैं। लोकसभा में यह जानकारी सांसद भूपेन्द्र सिंह के प्रश्र पर गृह मंत्री ने दी है। देश के गैर-सरकारी संगठनों को विदेशों से मिल रही मदद और विभिन्न अनियमितताओं अथवा अवैध गतिविधियों में लिप्त एनजीओ के विरूद्ध चल रही जाँच के संबंध में सांसद भूपेन्द्र सिंह ने लोकसभा में सवाल उठाए। जिनका विस्तृत जबाव देते  हुए गृह मंत्री ने बताया है कि वर्ष 2008-09 में देश के 23172 एनजीओ को कुल 10997.35 करोड़ रूपए, वर्ष 2009-10 में 22275 एनजीओ को 10431.12 करोड़ रूपए तथा 2010-11 में 22735 एनजीओ को 10334.12 करोड़ रूपए विदेशों से प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2011-12 में प्राप्त विदेशी मदद का संकलन अभी किया जा रहा है। गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2008-09 में 157 देशों ने, वर्ष 2009-10 में 161 देशों ने तथा वर्ष 2010-11 में 163 देशों ने भारत के एनजीओ को आर्थिक मदद की है।

मध्यप्रदेश के एनजीओ

गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2008-09 में मध्यप्रदेश के 493 एनजीओ को विदेशों से कुल 168.26 करोड़ रूपए, वर्ष 2009-10 में 444 एनजीओ को 142.64 करोड़ रूपए तथा वर्ष 2010-11 में 458 एनजीओ को 145.27 करोड़ रूपए विदेशों से प्राप्त हुए हैं।

जाँच के दायरे में

सांसद भूपेन्द्र सिंह के प्रश्र पर गृह मंत्री ने बताया है कि जिन एनजीओ को जाँच पड़ताल हेतु केन्द्रीय जाँच ब्यूरो के पास भेजा गया है, उनमें छिंदवाड़ा के ‘‘एवन्जिलिकल लुथेरन चचर्स इन मध्यप्रदेश’’ सहित देश के 24 एनजीओ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कुल 10 मामले दिल्ली, तमिलनाडु, आंधप्रदेश, केरल, गुजरात और राजस्थान राज्य की पुलिस को सौंपे गए हैं। गृह मंत्री ने बताया कि सरकार देश में गैर-सरकारी संगठनों सहित किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त विदेशी अभिदाय की प्राप्ति एवं उपयोग की निगरानी करती है।

 इन पर है सीबीआई का घेरा

जिन गैर सरकारी संगठनों के विरूद्ध सीबीआई जाँच कर रही है उनमें कोयम्बटूर का तमिलनाडु, मुस्लिम मुनीत्र कजागम, रीच इन दी निलिरिस तलिमनाडु, अबुलकलाम आहजाद इस्लामिक इवेकनिंग सेंटर नई दिल्ली,ख्वाजा कुशल चेरीटेबल ट्रस्ट मुजफ्फरनगर, अरविंद खन्ना भूतपूर्व एमएलए पंजाब, अंशुमन हुरौमिया एजुकेशनल एसोसिएशन हैदराबाद, प्रगति ऑरफन होम आन्ध्रप्रदेश, अवेयर आन्धप्रदेश एण्ड प्राइवेट पर्सन, विश्व धर्मायतन ट्रस्ट नई दिल्ली, रत्नेश खण्डेलवाल एण्ड 9 अन्य मुंबई, प्रकाश सी भट्ट एण्ड 4 अन्य मुंबई, हरपावत चेरीटेबल ट्रस्ट उदयपुर, कलकत्ता अर्बन सर्विस कोलकत्ता, हेरीटेल फाउण्डेशन वाराणसी, धीचेन चोखोर कगयुपा मोन्सटरी देहरादून, अगापे हेल्पिंग मिनिस्टरीज आन्ध्रप्रदेश, आईजीईपी फाउण्डेशन नई दिल्ली, समस्त मुस्लिम खलीफा सुन्नतवाल जमात गुजरात, एवन्जिलिकल लुथेरन चचर्स इन मध्यप्रदेश छिंडवाड़ा, क्रिश्चन आउटरीच सेंटर आंध्रप्रदेश, क्रिश्चन आउटरीच मिनिस्टरीज आन्ध्रप्रदेश, तूतकोरिन डामोसीज एसोसिएशन तूतीकोरिन तथा रूरल अपलिपट सेंटर नागेर


समाजसेवी गरीबों की मदद करें: भूपेन्द्र  


सागर।  सांसद भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि हर एक समाज के लोगों का यह दायित्व है कि वे उस समाज के गरीब वर्ग के लोगों को आर्थिक सहयोग कर उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास करें। सांसद ने यह बात भगवान सहस्त्रबाहू जयंती के अवसर पर कही। श्री सिंह ने कहा कि प्रत्येक समाज में गरीब लोग होते हैं। उनकी सेवाकरना, उन्हें शिक्षित करना, उन्हें समाज का जागरूक नागरिक बनाना, यह सभी समाज सेवियों का दायित्व है। उन्होनें कहा चौकसे समाज के सामुदायिक भवन के लिए सांसद निधि से दो लाख रूपये पिछली वार दिए थे। दो लाख रूपये और देने की घोषणा करते हैं। श्री सिंह ने कहा कि सामूदायिक भवन बनने से समाज के गरीब लोगों के शादी-विवाह हेतु यह भवन उपयोगी सिद्ध होगा। 

योजनाओं को पहुंचातीं हैं जनता तक 

सागर। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ही शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं को सच्चे मायने में आम और गरीब जनता तक पहुंचातीं हैं। यह बात सांसद भूपेन्द्र सिंह ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में कही। श्री सिंह ने कहा कि यह बात सही है कि हमारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बहनों के जितना मानदेय मिलता है, उससे अधिक ये लोग काम करतीं हैं। शासन की योजनाओं को आम लोगों, महिलाओं तथा गरीब लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रहीं हैं। सांसद ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर विचार करते हुए कहा कि उनका मानदेय केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार दोनों मिलकर देते हैं। हमने केन्द्र सरकार से मांग की है कि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय और बढ़ाया जाए। और सहायिका मौजूद थीं।

ईश्वर की आराधना में शांति 

सागर। सांसद भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि संसार में जितने भी भौतिक सुख होते हैं। उनसे कभी मन और आत्मा को शांति नहीं मिलती है। ईश्वर की आराधना करने पर मन और आत्मा को शांति मिलती है। यह उन्होंने देव ठाकुर बाबा मंदिर में दीपावली मिलन समारोह में कही।
श्री सिंह ने कहा कि धार्मिक स्थानों के लिए लोगों को दान-पुन्य करते रहना चाहिए। दान करने और परोपकार करने से ईश्वर उन लोगों को और संपन्न बनाता है। सांसद ने कहा कि कुछ भूमाफिया ने देव ठाकुर बाबा मंदिर की सम्पत्ति हड़पने का प्रयास किया था। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी मेरे पास आए थे। हमसे जो सहयोग हो सका हमने किया और ठाकुर बाबा की कृपा से मंदिर की जमीन अब ठाकुर बाबा के नाम दर्ज हो गई है। धर्मिक स्थानों की सम्पति हड़पने वालों को ईश्वर कभी माफ नहीं करता है।





सांसद बोले सागर में खोलें क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र

बुंदेलखंड की आत्मा से परिचित नहीं है केन्द्र

सागर।  सांसद भूपेन्द्र सिंह ने केन्द्रीय संस्कृति मंत्री को पत्र लिखकर बुंदेलखंड के संभागीय मुख्यालय सागर में क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना करने की मांग की है। इस संबंध में लोकसभा में किए गए प्रश्र का हवाला देते हुए सांसद श्री सिंह ने कहा है कि इलाहाबाद और नागपुर स्थित क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र बुंदेलखंड की आत्मा से परिचित नहीं है और उनका पूरा फोकस मात्र खजुराहो पर सिमटकर रह गया है।

      केन्द्रीय संस्कृति मंत्री श्रीमती चन्द्रेश कुमारी को लिखे पत्र में सांसद भूपेन्द्र सिंह ने बताया है कि लोकसभा में उनके द्वारा पूछे गए प्रश्र के उत्तर में खुलासा हुआ है कि मध्यप्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र उत्तर मध्य सांस्कृतिक केन्द्र इलाहाबाद और दक्षिण मध्य सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर के अधिकार क्षेत्र में आता है।

     इन दोनों केन्द्रों ने वर्ष 2009-10 तथा 2010-11 में मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड में चारों सांस्कृतिक कार्यक्रम सिर्फ खजुराहों मे ही किए हैं। वर्ष 2011-12 में किए गए 30 में से 23 कार्यक्रम खजुराहों में सम्पन्न किए गए हैं। इसी तरह चालू वर्ष 2012-13 में बुंदेलखंड के नाम पर उक्त दोनों केन्द्रों के कार्यक्रमों का पूरा फोकस खजुराहो पर ही है। सांसद ने पत्र में लिखा है कि क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्रों का उद्देश्य लोक कलाओं का संरक्षण और पोषण, स्थापित कलाकारों के कार्यक्रम आयोजित कर लोगों में कला विशेष का प्रदर्शन करना तथा युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए मंच प्रदान करना भी है। लेकिन इलाहाबाद और नागपुर से संचालित उक्त केन्द्रों का पूरा फोकस खजुराहो पर केन्द्रित होने से लगता है कि यह केन्द्र बुंदेलखंड की आत्मा से परिचित नहीं हैं।

    जबकि मध्यप्रदेश में बुंदेलखंड क्षेत्र बहुत बड़े भू-भाग में फैला हुआ है। जिसमें लोक कलाओं की अनुपम विरासत है और सतरंगी बहार देखने को मिलती है। सांसद भूपेन्द्र सिंह ने पत्र में लिखा है कि बुंदेलखंड में अपना क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र नहीं है। जबकि बुंदेलखंड की अनेक लोक कलाएँ विलुप्त हो चुकी हैं और होती जा रही हैं। साथ ही यहाँ के अनेकों प्रतिभावान कलाकारों को अपने प्रदर्शन के लिए कोई स्थापित मंच नहीं मिल रहा। उक्त तर्कों के साथ सांसद ने केन्द्रीय संस्कृति मंत्री से पुरजोर मांग की है कि सागर में क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना की जावे।



एनजीओ को विदेशों से मिल रहे करोड़ों रूपए
सागर।  देश में 22 हजार से अधिक ऐसे एनजीओ हैं, जिन्हें विगत तीन वर्षों में करोड़ों रूपए की विदेशी मदद प्राप्त हुई है। इनमें 400 से अधिक एनजीओ मध्यप्रदेश के हैं। छिंदवाड़ा के एक एनजीओ सहित देश के दो दर्जन एनजीओ सीबीआई जाँच के घेरे में है और 10 एनजीओ के मामले राज्य पुलिस को सौंपे गए हैं। लोकसभा में यह जानकारी सांसद भूपेन्द्र सिंह के प्रश्र पर गृह मंत्री ने दी है। देश के गैर-सरकारी संगठनों को विदेशों से मिल रही मदद और विभिन्न अनियमितताओं अथवा अवैध गतिविधियों में लिप्त एनजीओ के विरूद्ध चल रही जाँच के संबंध में सांसद भूपेन्द्र सिंह ने लोकसभा में सवाल उठाए। जिनका विस्तृत जबाव देते  हुए गृह मंत्री ने बताया है कि वर्ष 2008-09 में देश के 23172 एनजीओ को कुल 10997.35 करोड़ रूपए, वर्ष 2009-10 में 22275 एनजीओ को 10431.12 करोड़ रूपए तथा 2010-11 में 22735 एनजीओ को 10334.12 करोड़ रूपए विदेशों से प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2011-12 में प्राप्त विदेशी मदद का संकलन अभी किया जा रहा है। गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2008-09 में 157 देशों ने, वर्ष 2009-10 में 161 देशों ने तथा वर्ष 2010-11 में 163 देशों ने भारत के एनजीओ को आर्थिक मदद की है।

मध्यप्रदेश के एनजीओ

गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2008-09 में मध्यप्रदेश के 493 एनजीओ को विदेशों से कुल 168.26 करोड़ रूपए, वर्ष 2009-10 में 444 एनजीओ को 142.64 करोड़ रूपए तथा वर्ष 2010-11 में 458 एनजीओ को 145.27 करोड़ रूपए विदेशों से प्राप्त हुए हैं।

जाँच के दायरे में

सांसद भूपेन्द्र सिंह के प्रश्र पर गृह मंत्री ने बताया है कि जिन एनजीओ को जाँच पड़ताल हेतु केन्द्रीय जाँच ब्यूरो के पास भेजा गया है, उनमें छिंदवाड़ा के ‘‘एवन्जिलिकल लुथेरन चचर्स इन मध्यप्रदेश’’ सहित देश के 24 एनजीओ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कुल 10 मामले दिल्ली, तमिलनाडु, आंधप्रदेश, केरल, गुजरात और राजस्थान राज्य की पुलिस को सौंपे गए हैं। गृह मंत्री ने बताया कि सरकार देश में गैर-सरकारी संगठनों सहित किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त विदेशी अभिदाय की प्राप्ति एवं उपयोग की निगरानी करती है।

 इन पर है सीबीआई का घेरा

जिन गैर सरकारी संगठनों के विरूद्ध सीबीआई जाँच कर रही है उनमें कोयम्बटूर का तमिलनाडु, मुस्लिम मुनीत्र कजागम, रीच इन दी निलिरिस तलिमनाडु, अबुलकलाम आहजाद इस्लामिक इवेकनिंग सेंटर नई दिल्ली,ख्वाजा कुशल चेरीटेबल ट्रस्ट मुजफ्फरनगर, अरविंद खन्ना भूतपूर्व एमएलए पंजाब, अंशुमन हुरौमिया एजुकेशनल एसोसिएशन हैदराबाद, प्रगति ऑरफन होम आन्ध्रप्रदेश, अवेयर आन्धप्रदेश एण्ड प्राइवेट पर्सन, विश्व धर्मायतन ट्रस्ट नई दिल्ली, रत्नेश खण्डेलवाल एण्ड 9 अन्य मुंबई, प्रकाश सी भट्ट एण्ड 4 अन्य मुंबई, हरपावत चेरीटेबल ट्रस्ट उदयपुर, कलकत्ता अर्बन सर्विस कोलकत्ता, हेरीटेल फाउण्डेशन वाराणसी, धीचेन चोखोर कगयुपा मोन्सटरी देहरादून, अगापे हेल्पिंग मिनिस्टरीज आन्ध्रप्रदेश, आईजीईपी फाउण्डेशन नई दिल्ली, समस्त मुस्लिम खलीफा सुन्नतवाल जमात गुजरात, एवन्जिलिकल लुथेरन चचर्स इन मध्यप्रदेश छिंडवाड़ा, क्रिश्चन आउटरीच सेंटर आंध्रप्रदेश, क्रिश्चन आउटरीच मिनिस्टरीज आन्ध्रप्रदेश, तूतकोरिन डामोसीज एसोसिएशन तूतीकोरिन तथा रूरल अपलिपट सेंटर नागेर


समाजसेवी गरीबों की मदद करें: भूपेन्द्र  


सागर।  सांसद भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि हर एक समाज के लोगों का यह दायित्व है कि वे उस समाज के गरीब वर्ग के लोगों को आर्थिक सहयोग कर उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास करें। सांसद ने यह बात भगवान सहस्त्रबाहू जयंती के अवसर पर कही। श्री सिंह ने कहा कि प्रत्येक समाज में गरीब लोग होते हैं। उनकी सेवाकरना, उन्हें शिक्षित करना, उन्हें समाज का जागरूक नागरिक बनाना, यह सभी समाज सेवियों का दायित्व है। उन्होनें कहा चौकसे समाज के सामुदायिक भवन के लिए सांसद निधि से दो लाख रूपये पिछली वार दिए थे। दो लाख रूपये और देने की घोषणा करते हैं। श्री सिंह ने कहा कि सामूदायिक भवन बनने से समाज के गरीब लोगों के शादी-विवाह हेतु यह भवन उपयोगी सिद्ध होगा। 

योजनाओं को पहुंचातीं हैं जनता तक 

सागर। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ही शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं को सच्चे मायने में आम और गरीब जनता तक पहुंचातीं हैं। यह बात सांसद भूपेन्द्र सिंह ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में कही। श्री सिंह ने कहा कि यह बात सही है कि हमारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बहनों के जितना मानदेय मिलता है, उससे अधिक ये लोग काम करतीं हैं। शासन की योजनाओं को आम लोगों, महिलाओं तथा गरीब लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रहीं हैं। सांसद ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर विचार करते हुए कहा कि उनका मानदेय केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार दोनों मिलकर देते हैं। हमने केन्द्र सरकार से मांग की है कि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय और बढ़ाया जाए। और सहायिका मौजूद थीं।

ईश्वर की आराधना में शांति 

सागर। सांसद भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि संसार में जितने भी भौतिक सुख होते हैं। उनसे कभी मन और आत्मा को शांति नहीं मिलती है। ईश्वर की आराधना करने पर मन और आत्मा को शांति मिलती है। यह उन्होंने देव ठाकुर बाबा मंदिर में दीपावली मिलन समारोह में कही।
श्री सिंह ने कहा कि धार्मिक स्थानों के लिए लोगों को दान-पुन्य करते रहना चाहिए। दान करने और परोपकार करने से ईश्वर उन लोगों को और संपन्न बनाता है। सांसद ने कहा कि कुछ भूमाफिया ने देव ठाकुर बाबा मंदिर की सम्पत्ति हड़पने का प्रयास किया था। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी मेरे पास आए थे। हमसे जो सहयोग हो सका हमने किया और ठाकुर बाबा की कृपा से मंदिर की जमीन अब ठाकुर बाबा के नाम दर्ज हो गई है। धर्मिक स्थानों की सम्पति हड़पने वालों को ईश्वर कभी माफ नहीं करता है।

बुन्देली विरासत


अटका है सागर झील का  सौंदर्यीकरण

सागर। सागर की ऐतिहासिक झील सौंदर्यीकरण समेत नगर निगम  योजनाओं को शुरू करने में बधाएं खड़ी है। जबकि सौंदर्यीकरण योजना के तहत निगम के पास  2012-13 के बजट में 7 करोड़ का प्रावधान है। 21.33 करोड़ की केंद्र व राज्य पोषित इस योजना का चौथे साल भी काम आगे नहीं बढ़ सका।

 लेकिन योजना के तहत  पूर्व में किए गए फुटपाथ निर्माण, जालियां लगाने आदि का काम घटिया होने के कारण ठेकेदार पर कागजी कार्रवाई कर खानापूर्ति जरूर कर ली गई। योजना के तहत नए सिरे से होने वाला काम शुरू नहीं किया जा सका। इसी प्रकार सीवरेज प्लांट के लिए अब तक जमीन ही फाइनल नहीं हो पाई है। 76 करोड़ से अधिक की इस योजना में इस साल के बजट में निगम ने 20 करोड़ का प्रावधान किया है। ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के लिए भैंसा गांव की निजी जमीन के अधिग्रहण का मामला हाईकोर्ट में उलझने के बाद ग्राम पथरिया हाट में सरकारी जमीन पर प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित किया है लेकिन मामला अभी नहीं सुलझ पाया है। गांववासियों की आपत्ति के बाद पथरिया हाट में प्लांट के लिए मिलने वाली 6 एकड़ जमीन का आवंटन भी अटका है।